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जुलाई, 2021 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

गुरु पूर्णिमा की असीम शुभकामनाएं

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.          पितृभि: ताड़ित: पुत्रः                         शिष्यस्तु गुरुशिक्षित: ।             घनाहतं सुवर्णम् च ,                         जायते जनमण्डलम् ।। [ भावार्थ :-     त्रुटियों के परिमार्जन हेतु पिता द्वारा पीटा गया पुत्र , श्रेष्ठ गुरु द्वारा शिक्षित किया गया शिष्य और हथौड़े से पीटा गया सोना , लोगों के मध्य आभूषणों की भाँति सुशोभित होता है ।]                    तस्मै श्री गुरुवे नम:!      " वन्दे महापुरुष ते चरणारविन्दम् 🛐 !!"                                                     विवेक कुमार मिश्र ✍️

यायावरों की रामलीला

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दिनांक 18 जुलाई 2021 को एक मैसेज घनघनाया ये सौजन्य भाई की तरफ से था कि एक कार्यक्रम जो पूरी तरह से यायावरी को समर्पित है, का आयोजन दिनांक *20 जुलाई 2021* को (समय 6 से 9 ) फतेहपुर में *श्रीश भाई* के यहां होना निश्चित है जिसमे हम सभी को आने का स्नेहिल निमंत्रण मिला। अब इसे दिव्य संयोग कहें या सोच समझकर किया गया आयोजन कि *देव शयन एकद्शी* के दिन *सुंदर काण्ड* का आयोजन था लेकिन एक शर्त रख दी गई सभी पुरुष *धोती या लुंगी कुर्ता* में आयेंगे एवम महिलाएं *साड़ी* में ही आएंगी बिना इस निर्धारित वेश के प्रवेश वर्जित होगा। अब शर्त भी बड़ी अच्छी थी शुद्ध सनातन संस्कृति का आवरण तो हमे धारण अवश्य करना चाहिए। तो कुछ सदस्य इसे सहर्ष स्वीकार कर लिए लेकिन कुछ सदस्य संकोच वस रह गए लेकिन हमने उन्हें भी इस पुनीत कार्य में आभासी रूप में सम्मिलित किया। अब वो पुरुष सदस्य धोती की व्यवस्था में लग गए जिन्होंने कभी धोती को अपने पास भी नहीं आने दिया था जींस पैंट में चकाचक रहने वालों को अब धोती पहननी थी। ये कहे एक टास्क मिला हम सबको जिसे हमें बिना किसी बंदिश के पूर्ण करना था। कुछ ने लुंगी पहनने का निर्णय लिया कुछ ने ध...

चित्रकूट गिरि करहू निवासू

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रात के साढ़े दस बज चुके थे ----  काफी उमस थी, निदिया रानी नजदीक फटक नही रही थीं, छत के बीचोबीच लटक रहे तीन पर वाले हवा वाहक यंत्र का ही सहारा था जो अपनी धुन में नृत्य किये जा रहा था---- मेरी आँखें फियर फाइल्स के हॉरर शो पर टकटकी लगाए थीं---- तभी हमारे प्रिय , सदैव साथ निभाने वाले,हाथों पर राज करने वाले प्रिय REAL ME 5 ने दहाड़ लगाई मैंने देखा तो उनके मुख मंडल पर अनुज भाई का नाम चमक रहा था हमने भी कानो को तकलीफ दी, हांजी कैसे हो तभी अनुज भाई काउंटर किया कि कल सुबह 5 बजे चित्रकूट चलना है तैयार रहिये, आपको केवल कपड़े पहनकर गाड़ी लेकर चल देना है सम्पूर्ण तैयारी है और हा कपड़े दो जोड़ी रखिये शेष बात मिलने पर होगी ओवर एंड आउट  फोन कट मैंने सोचा ऐसे कैसे चलो देखते है सुबह हुई फिर  अपनी तो हर मर्ज की दवा है अनुज भाई मैं 5 बजकर 05 मिनट पर निकलने को तैयार था कि अनुज भाई समेत राजेश भाई, सुशील बाबू, सुधीर बाबू घर आ गए , फिर औपचारिक मिलन हुवा लौकी की स्वादिष्ट बर्फी और चाय के बाद मैं से *हम पांच* हो गए थे , हम पांचों की *पंच प्रयाग* पहुचने की *इच्छा* प्रबल थी क्योकि सौजन्य भाई के लेख का जादू सर चढ़कर बोल ...

चित्रकूट गिरि करहू निवासू

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रात के साढ़े दस बज चुके थे ----  काफी उमस थी, निदिया रानी नजदीक फटक नही रही थीं, छत के बीचोबीच लटक रहे तीन पर वाले हवा वाहक यंत्र का ही सहारा था जो अपनी धुन में नृत्य किये जा रहा था---- मेरी आँखें फियर फाइल्स के हॉरर शो पर टकटकी लगाए थीं---- तभी हमारे प्रिय , सदैव साथ निभाने वाले,हाथों पर राज करने वाले प्रिय REAL ME 5 ने दहाड़ लगाई मैंने देखा तो उनके मुख मंडल पर अनुज भाई का नाम चमक रहा था हमने भी कानो को तकलीफ दी, हांजी कैसे हो तभी अनुज भाई काउंटर किया कि कल सुबह 5 बजे चित्रकूट चलना है तैयार रहिये, आपको केवल कपड़े पहनकर गाड़ी लेकर चल देना है सम्पूर्ण तैयारी है और हा कपड़े दो जोड़ी रखिये शेष बात मिलने पर होगी ओवर एंड आउट  फोन कट मैंने सोचा ऐसे कैसे चलो देखते है सुबह हुई फिर  अपनी तो हर मर्ज की दवा है अनुज भाई मैं 5 बजकर 05 मिनट पर निकलने को तैयार था कि अनुज भाई समेत राजेश भाई, सुशील बाबू, सुधीर बाबू घर आ गए , फिर औपचारिक मिलन हुवा लौकी की स्वादिष्ट बर्फी और चाय के बाद मैं से *हम पांच* हो गए थे , हम पांचों की *पंच प्रयाग* पहुचने की *इच्छा* प्रबल थी क्योकि सौजन्य भाई के लेख का जादू सर चढ़कर बोल ...