क्या यही प्यार है

सोचता हूँ क्या यही प्यार है.......❤️
   
 अपनी उदासियों से लड़ता हुवा
 उत्तराखंड के पहाड़ो पर अक्सर बैठ जाता हूँ
 तुम्हारा रोज़ दूर से मुझे यूँ देखना

 ज़रा भी असहज नहीं लगा              
 तुम्हारा मौन तुम्हारी मुस्कुराहटें
 दिल के दरवाज़े पर पर दस्तक देती हैं.
 सोचता हूँ ये दरवाज़ा खोल दू!!

 प्रेम से अनभिज्ञ मैं साफ
 ये आकर्षण महसूस कर सकता हूँ                 
 इसलिए अब आने के बहाने ढ़ूढ़ता हूँ

 बिन जाने पहचाने आँखों के रास्ते
 जो तरंगें दिल में उठती है हम दोनों के बीच
 अनजाना सा ये बंधन ही प्यार है  शायद! 💞
 
 आज का ख्याल..... 
 हमने तो हर वक्त तुम्हें आँखों में जीया है
 तुम्हें बनाने वाले ने भी कमाल किया है..... ❤️

✍️✍️💞

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