चर्चा चाय पर भावना मन की

मुझे तुम्हारे साथ
टपरी पर एक चाय पीनी है
चाय पीते पीते
चुपके से देखना है
मुझे
मेरे लिए
तुम्हारा प्यार
औरों की नजरों से मुझे
बचाना
ऐसी जगह पर चाय नहीं पीते हैं
बोल के 
किनारे में ले जाना
मैं तुम्हारी सारी मनोदशा
जानता हूं
लेकिन मुझे वो महसूस करना है
वो  जो तुम्हारी बातो में
चाय और तुमसे
मेरा रिश्ता कभी खत्म नहीं हो सकता
क्योंकि चाय मेरी
हर शारीरिक समस्या का हल है
और तुम मेरी
हर मानसिक समस्या का हल
तुमसे अपनी समस्या कहते ही 
मन हल्का हो जाता है
जैसे चाय पीने के बाद सर


विवेकाजल✍️✍️💞

टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

वीथिन में, ब्रज में, नवेलिन में, वेलिन में,बनन में, बागन में, बगरो बसंत है।

आलम दिल का

प्रेम दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं💞